एक्सचेंज आफर
एक्सचेंज आफर, एक्सचेंज आफर
हर जगह मचा हुआ है शोर
ले आइए कोई भी
पुराना सामान, टी वी, फ्रिज, मोटरसाइकिल
ले जाइए उसके बदले बिल्कुल नया
गली मोहल्ले, नुक्कड़ों, पान की दुकान,
किटी मीटिंगों में
बदलो बदलो ने पकड़ लिया जोर
इस शोर में मैंने भी सोचा घनघोर
अपने घर की एक एक चीज को
पारखी नजरों से ताक ताक कर करने लगा बोर
पूरे घर में मुझे कोई भी
ऐसा सामान नहीं मिला
जिसको बदल कर
ले आता मैं भी सामान नया
और मोहल्ले में अपनी शान में कर लेता इजाफा
टी वी अपनी हालत पर शरमा रहा था
किसी टी वी के मरीज की तरह खरखरा रहा था
फ्रिज बरसों पुरानी कहानी कह रहा था
कछुए की चाल से चला जा रहा था
प्लासि्टक के सामान का कहना ही क्या
सेल से खरीदा था
इसलिए फेल फेल चिल्ला जहा था
ऐसे सामान को देखकर
मन मारकर मैं अपने आप पर
गुस्सा खा रहा था
कि मैंने ऐसा कोई सामान क्यों नहीं रखा
जिसको एक्सचेंज आफर के काम लाता
तभी मुझे
अपनी बीबी को देखकर
एक विचार आया
उदास मन में जीरो वाट का बल्ब जलाया
फिर तो
मैं पत्र-पत्रिकाओं, पेपर के
एक एक पेज को चाटने लगा
हो्र्डिंग्स, बैनरों पर आँखें फाड़ने लगा
कि शायद मुझे भी कहीं
एक एक्सचेंज आफर दिख जाए
"ले आइए कोई भी पुरानी बीबी
और ले जाइए एकदम नयी"
इन लाइनों को पढ़ने को
मेरा मन बेचैन रहने लगा
मैं भी अपनी पुरानी लेकिन अच्छी
बीबी की जगह
फैक्ट्री में बनी, साँचे में ढली,
एकदम नई बीबी के
सपनों में खोने लगा
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